एक बार पप्पू को ट्रेन से कहीं जाना था....
ट्रेन प्लेटफार्म पर आ चुकी थी, इसलिए वह बिना टिकट खरीदे ही ट्रेन की ओर लपक लिया.
अचानक उसे न जाने क्या सूझा कि उसने प्लेटफार्म पर किसी का फेंका हुआ एक पुराना टिकट उठा लिया. ...
ट्रेन में चढ़कर उसे पानी में भिगोया और आहिस्ते से अपने बैग में रख लिया..
ट्रेन चल पड़ी और आधे घंटे बाद जब टीटी के आने की हलचल सुनाई पड़ी तो उसने टिकट निकालकर हाथ में ले लिया.
उसने जेब से 2 पेन निकाल कर दोनों हाथों में एक-एक पेन लेकर टिकट को पेन से पकड़ा (हाथों से दूर रखा).
टीटी - टिकट…. टिकट दिखाओ अपना..?
पप्पू वैसे ही पेन से पकड़कर टीटी को दूर से ही टिकट दिखाने लगा.
टीटी को बड़ा अजीब लगा. टीटी (गुस्से से) – ये क्या बेहूदा हरकत है…. हाथ से क्यों नही दिखाते ?
पप्पू– हाथ में कैसे लें इसे.. टॉयलेट में गिर गया था!
टीटी – दूर….दूर रखो इसे, न जाने कहां-कहां से आ जाते हैं...!!!
ट्रेन प्लेटफार्म पर आ चुकी थी, इसलिए वह बिना टिकट खरीदे ही ट्रेन की ओर लपक लिया.
अचानक उसे न जाने क्या सूझा कि उसने प्लेटफार्म पर किसी का फेंका हुआ एक पुराना टिकट उठा लिया. ...
ट्रेन में चढ़कर उसे पानी में भिगोया और आहिस्ते से अपने बैग में रख लिया..
ट्रेन चल पड़ी और आधे घंटे बाद जब टीटी के आने की हलचल सुनाई पड़ी तो उसने टिकट निकालकर हाथ में ले लिया.
उसने जेब से 2 पेन निकाल कर दोनों हाथों में एक-एक पेन लेकर टिकट को पेन से पकड़ा (हाथों से दूर रखा).
टीटी - टिकट…. टिकट दिखाओ अपना..?
पप्पू वैसे ही पेन से पकड़कर टीटी को दूर से ही टिकट दिखाने लगा.
टीटी को बड़ा अजीब लगा. टीटी (गुस्से से) – ये क्या बेहूदा हरकत है…. हाथ से क्यों नही दिखाते ?
पप्पू– हाथ में कैसे लें इसे.. टॉयलेट में गिर गया था!
टीटी – दूर….दूर रखो इसे, न जाने कहां-कहां से आ जाते हैं...!!!
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